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Adh-Dhariyat
.51
The Winnowing Winds
उसने कहा : ऐ भेजे हुए (दूतो!) तुम्हारा अभियान क्या है?
उन्होंने कहा : निःसंदेह हम कुछ अपराधी लोगों की ओर भेजे गए हैं।
ताकि हम उनपर मिट्टी के पत्थर बरसाएँ।
जो तुम्हारे पालनहार के पास से सीमा से आगे बढ़ने वालों के लिए चिह्नित1 हैं।
फिर हमने उस (बस्ती) में जो भी ईमानवाले थे उन्हें निकाल लिया।
तो हमने उसमें मुसलमानों के एक घर1 के सिवा कोई और नहीं पाया।
तथा हमने उसमें उन लोगों के लिए एक निशानी छोड़ दी, जो दुःखदायी यातना से डरते हैं।
तथा मूसा (की कहानी) में (भी एक निशानी है), जब हमने उसे फ़िरऔन की ओर एक स्पष्ट प्रमाण देकर भेजा।
तो उसने अपनी शक्ति के कारण मुँह फेर लिया और उसने कहा : यह जादूगर है, या पागल।
अंततः हमने उसे और उसकी सेनाओं को पकड़ लिया, फिर उन्हें समुद्र में फेंक दिया, जबकि वह एक निंदनीय काम करने वाला था।
तथा आद में, जब हमने उनपर बाँझ1 हवा भेजी दी।
वह जिस चीज़ पर से भी गुज़रती, उसे सड़ी हुई हड्डी की तरह कर देती थी।
तथा समूद में, जब उनसे कहा गया कि एक समय तक के लिए लाभ उठा लो।
फिर उन्होंने अपने पालनहार के आदेश की अवज्ञा की, तो उन्हें कड़क ने पकड़ लिया और वे देख रहे थे।
फिर उनमें न तो खड़े होने की शक्ति थी और न ही वे प्रतिकार करने वाले थे।
तथा इससे पहले नूह़ की जाति को (विनष्ट कर दिया)। निश्चय ही वे अवज्ञाकारी लोग थे।1
तथा आकाश को हमने शक्ति के साथ बनाया और निःसंदेह हम निश्चय विस्तार करने वाले हैं।
तथा धरती को हमने बिछा दिया, तो हम क्या ही खूब बिछाने वाले हैं।
तथा हमने हर चीज़ के दो प्रकार बनाए, ताकि तुम नसीहत ग्रहण करो।
अतः अल्लाह की ओर दौड़ो। निश्चय ही मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से स्पष्ट सचेतकर्ता हूँ।
और अल्लाह के साथ कोई दूसरा पूज्य मत बनाओ। निःसंदेह मैं तुम्हारे लिए उसकी ओर से खुला डराने वाला हूँ।
इसी प्रकार, उन लोगों के पास जो इनसे पहले थे, जब भी कोई रसूल आया, तो उन्होंने कहा : यह जादूगर है, या पागल।
क्या उन्होंने एक-दूसरे को इस (बात) की वसीयत1 की है? बल्कि वे (स्वयं ही) सरकश लोग हैं।
अतः आप उनसे मुँह फेर लें। क्योंकि आपपर कोई दोष नहीं है।
तथा आप नसीहत करें। क्योंकि निश्चय नसीहत ईमानवालों को लाभ देताी है।
और मैंने जिन्नों तथा मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी इबादत करें।
मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ।
निःसंदेह अल्लाह ही बहुत रोज़ी देनेवाला, बड़ा शक्तिशाली, अत्यंत मज़बूत है।
अतः निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उनके साथियों के हिस्से की तरह (यातना का) एक हिस्सा है। सो वे मुझसे जल्दी न मचाएँ।
अतः इनकार करने वालों के लिए उनके उस दिन1 से बड़ा विनाश है, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है।
क़सम है तूर1 (पर्वत) की!
और एक पुस्तक{2] की जो लिखी हुई है! 1
ऐसे पन्ने में जो खुला हुआ है।
तथा बैतुल-मा'मूर (आबाद घर)1 की!
तथा ऊँची उठाई हुई छत (आकाश) की!
और लबालब भरे हुए समुद्र 1 की!
कि निश्चय आपके पालनहार की यातना अवश्चय घटित होने वाली है।
उसे कोई टालने वाला नहीं।
जिस दिन आकाश बुरी तरह डगमगाएगा।
तथा पर्वत बहुत तेज़ी से चलेंगे।
तो उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ी तबाही है।
जो व्यर्थ बातों में पड़े खेल रहे हैं।
जिस दिन उन्हें ज़ोर से धक्का देकर जहन्नम की आग में धकेला जाएगा।
यही है वह आग, जिसे तुम झुठलाते थे।
तो क्या यह जादू है, या तुम नहीं देख रहे?
इसमें प्रवेश कर जाओ। फिर सब्र करो या सब्र न करो, तुम्हारे लिए बराबर है। तुम्हें केवल उसी का बदला दिया जाएगा, जो तुम किया करते थे।
निःसंदेह डरने वाले लोग बागों और बड़ी नेमत में हैं।
उसका आनंद लेने वाले हैं जो उनके रब ने उन्हें दिया और उनके रब ने उन्हें दहकती हुई आग की यातना से बचा लिया।
मज़े से खाओ और पियो, उसके बदले जो तुम किया करते थे।
पंक्तिबद्ध तख़्तों पर तकिया लगाए हुए होंगे और हमने उनका विवाह गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतों से कर दिया, जो बड़ी-बड़ी आँखों वाली हैं।
और जो लोग ईमान लाए और उनकी संतान ने ईमान के साथ उनका अनुसरण किया, हम उनकी संतान को उनके साथ मिला देंगे तथा उनके कर्मों में उनसे कुछ भी कम न करेंगे। प्रत्येक व्यक्ति उसके बदले में जो उसने कमाया, गिरवी1 रखा हुआ है।
तथा हम उन्हें और अधिक फल और मांस देंगे उसमें से जो वे चाहेंगे।
वे उसमें एक-दूसरे से मदिरा का प्याला लेंगे, जिसमें न कोई व्यर्थ बात होगी और न गुनाह में डालना।
तथा उनके आस-पास चक्कर लगाते रहेंगे उन्हीं के बच्चे, जैसे वे छुपाए हुए मोती हों।
और वे एक-दूसरे की ओर मुतवज्जह होकर आपस में सवाल करेंगे।
वे कहेंगे : निःसंदेह हम इससे पहले1 अपने घरवालों में डरने वाले थे।
तो अल्लाह ने हमपर उपकार किया और हमें विषैली लू की यातना से बचा लिया।
निःसंदेह हम इससे पहले1 ही उसे पुकारा करते थे। निश्चय वही तो अति परोपकारी, अत्यंत दयावान् है।
अतः आप नसीहत करें। क्योंकि अपने पालनहार के अनुग्रह से आप न तो काहिन हैं और न ही पागल।1
या वे कहते है कि यह एक कवि है जिसपर हम ज़माने की घटनाओं का इंतज़ार करते हैं?1
आप कह दें कि तुम प्रतीक्षा करते रहो, मैं (भी) तुम्हारे साथ प्रतीक्षा करने वालों में से हूँ।
क्या उन्हें उनकी बुद्धियाँ इस बात का आदेश देती हैं, ये वे स्वयं ही सरकश लोग हैं?
या वे कहते हैं कि उसने इसे स्वयं गढ़ लिया है? बल्कि वे ईमान नहीं लाते।
तो फिर वे इस (क़ुरआन) के समान एक ही बात बनाकर ले आएँ, यदि वे सच्चे हैं।
या वे बिना किसी चीज़ के1 पैदा हो गए हैं, या वे (स्वयं) पैदा करने वाले हैं?
या उन्होंने आकाशों और धरती को पैदा किया है? बल्कि वे विश्वास ही नहीं करते।
या उनके पास आपके पालनहार के ख़ज़ाने हैं, या वही अधिकार चलाने वाले हैं?
या उनके पास कोई सीढ़ी है, जिसपर वे अच्छी तरह सुन1 लेते हैं? तो उनके सुनने वाले को चाहिए कि वह कोई स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत करे।
या उस (अल्लाह) के लिए तो बेटियाँ है और तुम्हारे लिए बेटे?
या आप उनसे कोई पारिश्रमिक1 माँगते हैं? तो वे उस तावान के बोझ से दबे जा रहे हैं।
या उनके पास परोक्ष (का ज्ञान) है? तो वे उसे लिखते1 रहते हैं।
या वे कोई चाल चलना चाहते हैं? तो जिन लोगों ने इनकार किया, वही चाल में आने वाले हैं।
या उनका अल्लाह के सिवा कोई पूज्य है? पवित्र है अल्लाह उससे जो वे साझी ठहराते हैं।
और यदि वे आकाश से कोई टुकड़ा गिरता हुआ देख लें, तो कह देंगे कि यह परत दर परत बादल है।1
अतः आप उन्हें छोड़ दें, यहाँ तक कि वे अपने उस दिन को जा मिलें, जिसमें1 वे बेहोश किए जाएँगे।
जिस दिन न तो उनकी चाल काम आएगी और न उनकी सहायता की जाएगी।
तथा निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उस (आख़िरत) से पहले भी एक यातना1 है। परंतु उनमें से अक्सर लोग नहीं जानते।
और (ऐ नबी!) आप अपने पालनहार का आदेश आने तक धैर्य रखें। निःसंदेह आप हमारी आँखों के सामने हैं। तथा जब आप उठें, तो अपने रब की प्रशंसा के साथ उसकी पवित्रता बयान करें।
तथा रात के कुछ भाग में फिर उसकी पवित्रता का वर्णन करें और सितारों के चले जाने के बाद भी।1
क़सम है तारे की जब वह गिरे!
तुम्हारा साथी न तो रास्ते से भटका है और न ही गलत रास्ते पर चला है।
और न वह अपनी इच्छा से बोलता है।
वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।
उसे बहुत मज़ूबत शक्तियों वाले (फ़रिश्ते)1 ने सिखाया है।
जो बड़ा बलशाली है। फिर वह बुलंद हुआ (अपने असली रूप में प्रकट हुआ)।
जबकि वह आकाश के सबसे ऊँचे क्षितिज (पूर्वी किनारे) पर था।
फिर वह निकट हुआ और उतर आया।
फिर वह दो धनुषों की दूरी पर था, या उससे भी निकट।
फिर उसने अल्लाह के बंदे1 की ओर वह़्य की, जो भी वह़्य की।
दिल ने झूठ नहीं बोला, जो कुछ उसने देखा।
फिर क्या तुम उससे उसपर झगड़ते हो, जो वह देखता है?
हालाँकि, निश्चित रूप से उसने उसे एक और बार उतरते हुए भी देखा है।
सिदरतुल-मुनतहा'1 के पास।
उसी के पास 'जन्नतुल मावा' (शाश्वत स्वर्ग) है।
जब सिदरा पर छा रहा था, जो कुछ छा रहा था।1
न निगाह इधर-उधर हुई और न सीमा से आगे बढ़ी।
निःसंदेह उसने अपने पालनहार की कुछ बहुत बड़ी निशानियाँ1 देखीं।
फिर क्या तुमने लात और उज़्ज़ा को देखा।
तथा तीसरी एक और (मूर्ति) मनात को?1
क्या तुम्हारे लिए पुत्र हैं और उस (अल्लाह) के लिए पुत्रियाँ?
तब तो यह बड़ा अन्यायपूर्ण बँटवारा है।
ये (मूर्तियाँ) कुछ नामों के सिवा कुछ भी नहीं हैं, जो तुमने तथा तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने इनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। ये लोग केवल अटकल1 के और उन चीज़ों के पीछे चल रहे हैं जो उनके दिल चाहते हैं। जबकि निःसंदेह उनके पास उनके पालनहार की ओर से मार्गदर्शन आ चुका है।
क्या मनुष्य को वह मिल जाएगा, जिसकी वह कामना करे?
(नहीं, ऐसा नहीं है) क्योंकि आख़िरत और दुनिया अल्लाह ही के अधिकार में है।
और आकाशों में कितने ही फ़रिश्ते हैं कि उनकी सिफ़ारिश कुछ लाभ नहीं देती, परंतु इसके पश्चात कि अल्लाह अनुमति दे जिसके लिए चाहे तथा (जिसे) पसंद करे।1
निःसंदेह वे लोग जो आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, निश्चय वे फ़रिश्तों के नाम औरतों के नामों की तरह रखते हैं।
हालाँकि उन्हें इसके बारे में कोई ज्ञान नहीं। वे केवल अनुमान के पीछे चल रहे हैं। और निःसंदेह अनुमान सच्चाई की तुलना में किसी काम नहीं आता।
अतः आप उससे मुँह फेर लें, जिसने हमारी नसीहत से मुँह मोड़ लिया और जिसने दुनिया के जीवन के सिवा कुछ नहीं चाहा।
यही उनके ज्ञान की सीमा है। निश्चित रूप से आपका पालनहार ही उसे अधिक जानने वाला है, जो उसके मार्ग से भटक गया और वही उसे भी ज़्यादा जानने वाला है, जो सीधे मार्ग पर चला।
तथा जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, सब अल्लाह ही का है, ताकि वह बुराई करने वालों को उनके किए का बदला दे, और भलाई करने वालों को अच्छा बदला दे।
वे लोग जो बड़े गुनाहों तथा अश्लील कार्यों1 से दूर रहते हैं, सिवाय कुछ छोटे गुनाहों के। निःसंदेह आपका पालनहार बड़ा क्षमा करने वाला है। वह तुम्हें अधिक जानने वाला है जब उसने तुम्हें धरती2 से पैदा किया और जब तुम अपनी माँओं के पेटों में बच्चे थे। अतः अपनी पवित्रता का दावा मत करो, वह उसे ज़्यादा जानने वाला है जो वास्तव में परहेज़गार है।
फिर क्या आपने उसे देखा जिसने मुँह फेर लिया?
और थोड़ा-सा दिया फिर रोक लिया।
क्या उसके पास परोक्ष का ज्ञान है? अतः वह देख रहा है।1
या उसे उन बातों की सूचना नहीं दी गई, जो मूसा के ग्रंथों में हैं?
और इबराहीम के (ग्रंथों में), जिसने (कर्तव्य) पूरा किया।
कि कोई बोझ उठाने वाला किसी दूसरे का बोझ नहीं उठाएगा।
और यह कि मनुष्य के लिए केवल वही है, जिसके लिए उसने प्रयास किया।
और यह कि निश्चय उसका प्रयास शीघ्र ही देखा जाएगा।
फिर उसे उसका पूरा प्रतिफल दिया जाएगा।
और यह कि निःसंदेह आपके पालनहार ही की ओर अंततः पहुँचना है।
तथा यह कि निःसंदह वही है, जिसने हँसाया तथा रुलाया।
तथा यह कि निःसंदेह वही है, जिसने मृत्यु दी और जीवन दिया।
और यह कि निःसंदेह उसी ने दो प्रकार : नर और मादा पैदा किए।
एक बूँद से, जब वह टपकाई जाती है।
और यह कि निःसंदेह उसी के ज़िम्मे दूसरी बार1 पैदा करना है।
और यह कि निःसंदेह उसी ने धनी बनाया और कोष प्रदान किया।
और यह कि निःसंदेह वही ''शे'रा'' 1 का रब है।
और यह कि निःसंदेह उसी ने प्रथम 'आद' 1 को विनष्ट किया।
तथा समूद को, फिर (किसी को) बाक़ी न छोड़ा।
तथा इनसे पहले नूह़ की जाति को। निःसंदेह वे बहुत ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे।
और उलट जाने वाली बस्ती1 को उसने उठाकर धरती पर दे मारा।
तो ढाँप दिया1 उसे जिस चीज़ से ढाँपा।
तो (ऐ इनसान!) तू अपने पालनहार की ने'मतों में से किस-किस में संदेह करेगा?
यह1 पहले डराने वालों में से एक डराने वाला है।
निकट आने वाली निकट आ गई।
जिसे अल्लाह के सिवा कोई हटाने वाला नहीं।
तो क्या तुम इस बात पर आश्चर्य करते हो?
तथा हँसते हो और रोते नहीं हो?
तथा तुम ग़ाफ़िल हो!
अतः अल्लाह को सजदा करो और उसी की इबादत1 करो।
क़ियामत बहुत निकट आ गई1 और चाँद फट गया।
और यदि वे कोई निशानी देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं और कहते हैं कि (यह) एक जादू है जो समाप्त हो जाने वाला है।
उन्होंने झुठलाया और अपनी इच्छाओं का पालन किया और प्रत्येक कार्य का एक निश्चित समय है।
और निःसंदेह उनके पास ऐसी सूचनाएँ आ चुकी हैं, जिनमें डाँटडपट है।
पूर्णतया हिकमत है, फिर भी डरानेवाली चीज़ें काम नहीं आतीं।
अतः आप उनसे मुँह फेर लें, जिस दिन पुकारने वाला एक अप्रिय चीज़1 की ओर पुकारेगा।
उनकी आँखें झुकी होंगी। वे कब्रों से ऐसे निकलेंगे, जैसे वे बिखरी हुई टिड्डियाँ हों।
वे बुलाने वाले की ओर तेज़ी से भाग रहे होंगे। काफ़िर कहेंगे : यह बड़ा कठिन दिन है।
इनसे पहले नूह़ की जाति ने झुठलाया। तो उन्होंने हमारे बंदे को झुठलाया और कहा कि वह पागल है और उसे झिड़क दिया गया।
तो उसने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह मैं विवश हूँ, अतः तू बदला ले।
तो हमने ज़ोर से बरसने वाले पानी के साथ आकाश के द्वार खोल दिए।
तथा हमने धरती को स्रोतों के साथ फाड़ दिया, तो सारा जल एक साथ मिल गया, उस कार्य के लिए जो नियत हो चुका था।
और हमने उसे तख़्तों और कीलों वाली (नाव) पर सवार कर दिया।
जो हमारी आँखों के सामने चल रही थी, उसका बदला लेने के लिए जिसका इनकार किया गया था।
और निःसंदेह हमने उसे एक निशानी बनाकर छोड़ा, तो क्या है कोई उपदेश ग्रहण करने वाला?
फिर कैसी थी मेरी यातना तथा मेरा डराना?
और निःसंदेह हमने क़ुरआन को उपदेश ग्रहण करने के लिए आसान बना दिया, तो क्या है कोई उपदेश ग्रहण करने वाला?
आद ने (भी) झुठलाया। तो कैसी थी मेरी यातना तथा मेरा डराना?
निःसंदहे हमने एक निरंतर अशुभ दिन में उनपर एक तेज़ ठंडी हवा भेज दी।
वह लोगों को ऐसे उखाड़ फेंकती थी, जैसे वे उखड़े हुए खजूर के तने हों।
फिर कैसी थी मेरी यातना तथा मेरा डराना?
और निःसंदेह हमने क़ुरआन को उपदेश ग्रहण करने के लिए आसान बना दिया, तो क्या है कोई उपदेश ग्रहण करने वाला?
समूद1 ने डराने वालों को झुठलाया।
तो उन्होंने कहा : क्या हम अपने ही में से एक आदमी का अनुसरण करें? निश्चय ही हम उस समय बड़ी गुमराही और बावलेपन में होंगे।
क्या यह उपदेश हमारे बीच में से उसी पर उतारा गया है? बल्कि वह बड़ा झूठा है, अहंकारी है।
शीघ्र ही वे कल जान लेंगे कि बहुत झूठा, अहंकारी कौन है?
निःसंदेह हम यह ऊँटनी उनकी परीक्षा के लिए भेजने वाले हैं। अतः उनकी प्रतीक्षा करो और ख़ूब धैर्य रखो।
और उन्हें सूचित कर दो कि पानी उनके बीच बाँट दिया गया है। पीने की प्रत्येक बारी1 पर उपस्थित हुआ जाएगा।
तो उन्होंने अपने साथी को पुकारा। सो उसने (उसे) पकड़ा और उसका वध कर दिया।
फिर कैसी थी मेरी यातना तथा मेरा डराना?
हमने उनपर एक ही चिंघाड़ भेजी, तो वे बाड़ लगाने वाले की रौंदी हुई बाड़ की तरह हो गए।
और निःसंदेह हमने क़ुरआन को उपदेश ग्रहण करने के लिए आसान बना दिया, तो क्या है कोई उपदेश ग्रहण करने वाला?
लूत की जाति ने डराने वालों को झुठला दिया।
निःसंदेह हमने उनपर पत्थर बरसाने वाली एक हवा भेजी, सिवाय लूत के घरवालों के। उन्हें हमने भोर से कुछ पहले ही बचा लिया।
अपनी ओर से (विशेष) अनुग्रह करते हुए। इसी प्रकार हम उसे बदला देते हैं, जो धन्यवाद करे।
और निःसंदेह उसने उन्हें हमारी पकड़ से डराया, तो उन्होंने डराने में संदेह किया।
और निःसंदेह उन्होंने उसे उसके अतिथियों से बहकाने1 का प्रयास किया, तो हमने उनकी आँखें मेट दीं। अतः मेरी यातना और मेरी चेतावनी का मज़ा चखो।
और निःसंदेह सुबह सवेरे ही उनपर एक न टलने वाली यातना आ पहुँची।
अतः मेरे अज़ाब और मेरे डराने का स्वाद चखो।
और निःसंदेह हमने क़ुरआन को उपदेश ग्रहण करने के लिए आसान बना दिया, तो क्या है कोई उपदेश ग्रहण करने वाला?
तथा निःसंदेह फ़िरऔनियों के पास डराने वाले आए।
उन्होंने हमारी सब निशानियों को झुठला दिया, तो हमने उन्हें पकड़ लिया, जिस प्रकार सब पर प्रभुत्वशाली, सबसे शक्तिशाली पकड़ता है।
क्या तुम्हारे काफ़िर उन लोगों से बेहतर हैं, या तुम्हारे लिए (पहली) पुस्कतों में कोई मुक्ति लिखी हुई है?
या वे कहते हैं कि हम एक जत्था हैं, जो बदला लेकर रहने वाले हैं?
शीध्र ही यह समूह पराजित कर दिया जाएगा और ये लोग पीठ दिखाकर भागेंगे।1
बल्कि क़यामत ही उनके वादे का समय है और क़ियामत कहीं बड़ी विपत्ति और अधिक कड़वी है।
निश्चय अपराधी लोग बड़ी गुमराही और यातना में हैं।
जिस दिन वे आग में अपने चेहरों के बल घसीटे जाएँगे। (कहा जाएगा :) जहन्नम की यातना का मज़ा चखो।
निःसंदेह हमने प्रत्येक वस्तु को एक अनुमान के साथ पैदा किया है।
और हमारा आदेश तो केवल एक बार होता है, जैसे आँख की एक झपक।1
और निःसंदेह हमने तुम्हारे जैसे कई समूहों को विनष्ट कर दिया, तो क्या है कोई नसीहत हासिल करने वाला?
और उन्होंने जो कुछ भी किया वह किताबों (कर्मपत्रों) में दर्ज है।1
और हर छोटी और बड़ी बात लिखी हुई है।
निःसंदेह (अल्लाह से) डरने वाले बाग़ो और नहरों में होंगे।
सत्य की सभा में, महान बादशाह के पास, जो असीम शक्ति वाला है।
अत्यंत दयावान् ने।
यह क़ुरआन सिखाया।
उसने मनुष्य को पैदा किया।
उसे बात करना सिखाया।
सूर्य तथा चंद्रमा एक हिसाब से चल रहे हैं।
तथा बिना तने के पौधे और पेड़ सजदा करते हैं।
और उसने आकाश को ऊँचा किया और न्याय का संतुलन स्थापित किया।1
ताकि तुम माप-तौल में अति न करो।
तथा न्याय के साथ तौल को सीधा रखो और माप-तौल में कमी न करो।
और उसने धरती को सृष्टि के लिए (रहने योग्य) बनाया।
उसमें फल हैं, तथा आवरणों वाले खजूर के वृक्ष हैं।
और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित पौधे हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उसने मनुष्य को ठीकरी की तरह बजने वाली मिट्टी से पैदा किया।
तथा जिन्नों को आग की ज्वाला से पैदा किया।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
(वह) सूर्योदय1 के दोनों स्थानों तथा सूर्यास्त के दोनों स्थानों का रब है।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उसने दो सागरों को मिला दिया, जो (देखने में) आपस में मिलते हैं।
उन दोनों के बीच एक अवरोध है (जिससे) वे आगे नहीं बढ़ते।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उन दोनों से मोती और मूँगा निकलते हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
तथा उसी के अधिकार में हैं समुद्र में चलने वाले पहाड़ों जैसे जहाज़।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
हर कोई जो इस (धरती) पर है, नष्ट होने वाला है।
तथा आपके पालनहार का चेहरा बाक़ी रहेगा, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उसी से माँगता है, जो कोई आकाशों तथा धरती में है। वह प्रतिदिन एक (नए) कार्य में है।1
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
हम जल्द ही तुम्हारे लिए फ़ारिग़ होंगे1 ऐ दो भारी समूहो! (जिन्नो और इनसानो!)2
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
ऐ जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि तुम आकाशों तथा धरती के किनारों से निकल सकते हो, तो निकल भागो, (परंतु) तुम शक्ति (प्रभुत्व) के बिना नहीं निकल सकोगे।1
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
तुम दोनों पर आग का ज्वाला तथा धुआँ छोड़ा जाएगा। फिर तुम अपने आपको बचा नहीं सकोगे।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
फिर जब आकाश फट जाएगा, तो वह तेल की तरह लाल हो जाएगा।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
फिर उस दिन न किसी मनुष्य से उसके गुनाह के बारे में पूछा जाएगा और न किसी जिन्न से।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
अपराधियों की पहचान उनके चिह्नों से होगी, फिर माथे के बालों और पैरों से (उन्हें) पकड़ा जाएगा।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
यही है वह जहन्नम, जिसे अपराधी लोग झुठलाते थे।
वे उसके और खौलते हुए पानी के बीच चक्कर लगा रहे होंगे।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
और जो व्यक्ति अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से डर गया, उसके लिए दो बाग़ हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
दोनों बहुत शाखाओं वाले हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उन दोनों में दो जल स्रोत बहते हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उन दोनों में प्रत्येक फल के दो प्रकार हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
ऐसे बिस्तरों पर तकिए लगाए होंगे, जिनके स्तर मोटे रेशम के हैं और दोनों बाग़ों के फल निकट हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उनमें नीची निगाहों वाली औरतें हैं, जिन्हें उनसे पहले न किसी मनुष्य ने हाथ लगाया है और न किसी जिन्न ने।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
मानो वे (स्त्रियाँ) माणिक और मूँगा हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
एहसान का बदला एहसान के सिवा क्या है?
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
तथा इन दो (बाग़ों) के अलावा और दो बाग़ हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
दोनों गहरे हरे रंग के हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उन दोनों में जोश मारते हुए दो जल स्रोत हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उन दोनों में फल तथा खजूर के पेड़ और अनार हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उनमें कई अच्छे व्यवहार वाली, खूबसूरत महिलाएं हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
हूरें (यानी गोरे बदन, काली आँखों वाली औरतें), जो खेमों में रोकी हुई हैं।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
उनसे पहले न तो किसी मनुष्य ने उन्हें छुआ है और न ही किसी जिन्न ने।1
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
वे हरी और उत्कृष्ट एवं अति सुंदर क़ालीनों पर तकिया लगाए होंगे।
तो तुम दोनों अपने पालनहार की किन-किन नेमतों को झुठलाओगे?
बहुत बरकत वाला है आपके पालनहार का नाम, जो बड़ी महिमा और सम्मान वाला है।
जब घटित होने वाली घटित हो जाएगी।
उसके घटित होने में कोई झूठ नहीं।
नीचे करने वाली, ऊपर उठाने वाली।1
जब धरती तेज़ी से हिलाई जाएगी।
और पर्वत ख़ूब चूर्ण-विचूर्ण कर दिए जाएँगे।
तो वे बिखरी हुई धूल हो जाएँगे।
और तुम तीन प्रकार के लोग हो जाओगे।
तो दाहिने हाथ वाले, क्या ही अच्छे हैं दाहिने हाथ वाले!1
और बाएँ हाथ वाले, क्या बुरे हैं बाएँ हाथ वाले!
और जो पहल करने वाले हैं, वही आगे बढ़ने वाले हैं।
यही लोग निकट किए हुए हैं।1
नेमत के बाग़ों में।
पहले लोगों में से एक बहुत बड़ा समूह।
तथा थोड़े-से पिछले लोगों में से होंगे।
सोने के तारों से बुने हुए तख़्तों पर।
उनपर तकिया लगाए आमने-सामने बैठे होंगे।
उनके आस-पास (सेवा के लिए) ऐसे बालक फिर रहे होंगे, जो सदा (बालक) ही रहेंगे।
ऐसे प्याले َऔर सुराहियाँ और छलकते जाम लेकर जो बहती शराब की होंगे।
वे न उससे सिरदर्द से पीड़ित होंगे और न ही उनकी बुद्धि प्रभावित होगी।
तथा ऐसे फल लेकर जिन्हें वे पसंद करते हैं।
तथा पक्षियों का मांस लेकर जिसकी वे इच्छा रखते हैं।
और बड़ी-बड़ी नैनों वाली गोरियाँ होंगी।
छिपाकर रखे हुए मोतियों के समान।
उसके बदले में जो वे (संसार में) किया करते थे।
वे उस में न कोई व्यर्थ बात सुनेंगे और न पाप की बात।
केवल सलाम ही सलाम की आवाज़ होगी।
सूरह समाप्त
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पूर्वावलोकन
بِسْمِ ٱللَّهِ