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Ash-Shu'ara
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The Poets
फिर जब दोनों गिरोहों ने एक-दूसरे को देखा, तो मूसा के साथियों ने कहा : निःसंदेह हम निश्चय ही पकड़े जाने[12) वाले हैं। 1
(मूसा ने) कहा : हरगिज़ नहीं! निश्चय मेरे साथ मेरा पालनहार है। वह अवश्य मेरा मार्गदर्शन करेगा।
तो हमने मूसा की ओर वह़्य की कि अपनी लाठी को सागर पर मारो। (उसने लाठी मारी) तो वह फट गया और हर टुकड़ा बड़े पहाड़ की1 तरह हो गया।
तथा वहीं हम दूसरों को निकट ले आए।
और हमने मूसा को और जो उसके साथ थे, सबको बचा लिया।
फिर हमने दूसरों को डुबो दिया।
निःसंदेह इसमें निश्चय एक बड़ी निशानी है। और उनमें से अधिकतर लोग ईमान लाने वाले नहीं थे।
और निःसंदेह आपका पालनहार, निश्चय वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान् हैl
तथा आप उन्हें इबराहीम का समाचार सुनाएँ।
जब उसने अपने बाप तथा अपनी जाति से कहा : तुम किसकी पूजा करते हो?
उन्होंने कहा : हम कुछ मूर्तियों की पूजा करते हैं, इसलिए उन्हीं की सेवा में लगे रहते हैं।
उसने कहा : क्या वे तुम्हें सुनते हैं, जब तुम (उन्हें) पुकारते हो?
या तुम्हें लाभ देते हैं, या हानि पहुँचाते हैं?
उन्होंने कहा : बल्कि हमने अपने बाप-दादा को पाया कि वे ऐसा ही करते थे।
उसने कहा : तो क्या तुमने देखा कि जिनको तुम पूजते रहे।
तुम तथा तुम्हारे पहले बाप-दादा?
सो निःसंदेह वे मेरे शत्रु हैं, सिवाय सारे संसारों के पालनहार के।
वह जिसने मुझे पैदा किया, फिर वही मेरा मार्गदर्शन करता है।
और वही जो मुझे खिलाता है और मुझे पिलाता है।
और जब मैं बीमार होता हूँ, तो वही मुझे अच्छा करता है।
तथा वह जो मुझे मारेगा, फिर1 मुझे जीवित करेगा।
तथा वह, जिससे मैं आशा रखता हूँ कि वह बदले के दिन मेरे पाप क्षमा कर देगा।
ऐ मेरे पालनहार! मुझे हुक्म (धर्म का ज्ञान) प्रदान कर और मुझे नेक लोगों के साथ मिला।
सूरह समाप्त
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