पृष्ठ 523 देख रहे हैं
पृष्ठ 523 देख रहे हैं
Adh-Dhariyat
.51
The Winnowing Winds
इसी प्रकार, उन लोगों के पास जो इनसे पहले थे, जब भी कोई रसूल आया, तो उन्होंने कहा : यह जादूगर है, या पागल।
क्या उन्होंने एक-दूसरे को इस (बात) की वसीयत1 की है? बल्कि वे (स्वयं ही) सरकश लोग हैं।
अतः आप उनसे मुँह फेर लें। क्योंकि आपपर कोई दोष नहीं है।
तथा आप नसीहत करें। क्योंकि निश्चय नसीहत ईमानवालों को लाभ देताी है।
और मैंने जिन्नों तथा मनुष्यों को केवल इसलिए पैदा किया है कि वे मेरी इबादत करें।
मैं उनसे कोई रोज़ी नहीं चाहता और न यह चाहता हूँ कि वे मुझे खिलाएँ।
निःसंदेह अल्लाह ही बहुत रोज़ी देनेवाला, बड़ा शक्तिशाली, अत्यंत मज़बूत है।
अतः निश्चय उन लोगों के लिए जिन्होंने अत्याचार किया, उनके साथियों के हिस्से की तरह (यातना का) एक हिस्सा है। सो वे मुझसे जल्दी न मचाएँ।
अतः इनकार करने वालों के लिए उनके उस दिन1 से बड़ा विनाश है, जिसका उनसे वादा किया जा रहा है।
क़सम है तूर1 (पर्वत) की!
और एक पुस्तक{2] की जो लिखी हुई है! 1
ऐसे पन्ने में जो खुला हुआ है।
तथा बैतुल-मा'मूर (आबाद घर)1 की!
तथा ऊँची उठाई हुई छत (आकाश) की!
और लबालब भरे हुए समुद्र 1 की!
कि निश्चय आपके पालनहार की यातना अवश्चय घटित होने वाली है।
उसे कोई टालने वाला नहीं।
जिस दिन आकाश बुरी तरह डगमगाएगा।
तथा पर्वत बहुत तेज़ी से चलेंगे।
तो उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ी तबाही है।
जो व्यर्थ बातों में पड़े खेल रहे हैं।
जिस दिन उन्हें ज़ोर से धक्का देकर जहन्नम की आग में धकेला जाएगा।
यही है वह आग, जिसे तुम झुठलाते थे।
सूरह समाप्त
The system theme automatically adapts to your light/dark mode settings
Quran.com की डिफ़ॉल्ट उथमानी शैली
पूर्वावलोकन
بِسْمِ ٱللَّهِ