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Al-Haqqah
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The Reality
और फ़िरऔन ने तथा उससे पहले के लोगों ने एवं उलट जाने वाली बस्तियों ने पाप किया।
उन्होंने अपने पालनहार के रसूल की अवज्ञा की। तो अल्लाह ने उन्हें बड़ी कठोर पकड़ में ले लिया।
निःसंदेह हमने ही, जब पानी सीमा पार कर गया, तुम्हें नाव1 में सवार किया।
ताकि हम उसे तुम्हारे लिए एक (शिक्षाप्रद) यादगार बना दें और (ताकि) याद रखने वाले कान उसे याद रखें।
फिर जब सूर (नरसिंघा) में एक फूँक मारी जाएगी।
और धरती तथा पर्वतों को उठाया जाएगा और दोनों को एक ही बार में चूर्ण-विचूर्ण कर दिया जाएगा।1
तो उस दिन घटित होने वाली घटित हो जाएगी।
तथा आकाश फट जाएगा, तो उस दिन वह कमज़ोर होगा।
और फ़रिश्ते उसके किनारों पर होंगे तथा उस दिन आपके पालनहार का अर्श (सिंहासन) आठ फ़रिश्ते अपने ऊपर उठाए हुए होंगे।
उस दिन तुम (अल्लाह के सामने) पेश किए जाओगे। तुम्हारी कोई छिपी हुई बात छिपी नहीं रहेगी।
फिर जिसे उसका कर्म-पत्र उसके दाएँ हाथ में दिया गिया, तो वह कहेगा : यह लो, मेरा कर्म-पत्र पढ़ो।
मुझे विश्वास था कि मैं अपने हिसाब से मिलने वाला हूँ।
चुनाँचे वह आनंदपूर्ण जीवन में होगा।
एक ऊँची जन्नत में।
जिसके फल निकट होंगे।
(उनसे कहा जायेगा :) आनंदपूर्वक खाओ और पियो, उसके बदले जो तुमने बीते दिनों में आगे भेजे।
और लेकिन जिसे उसका कर्म-पत्र उसके बाएँ हाथ में दिया गया, तो वह कहेगा : ऐ काश! मुझे मेरा कर्म-पत्र न दिया जाता।
तथा मैं न जानता कि मेरा हिसाब क्या है!
ऐ काश! वह (मृत्यु) काम तमाम कर देने वाली1 होती।
मेरा धन मेरे किसी काम न आया।
मेरी सत्ता1 मुझसे जाती रही।
(आदेश होगा :) उसे पकड़ो और उसके गले में तौक़ डाल दो।
फिर उसे भड़कती हुई आग में झोंक दो।
फिर एक ज़ंजीर में, जिसकी लंबाई सत्तर गज़ है, उसे जकड़ दो।
निःसंदेह वह सबसे महान अल्लाह पर ईमान नहीं रखता था।
तथा ग़रीब को खाना खिलाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करता था।
सूरह समाप्त
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بِسْمِ ٱللَّهِ