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Al-Ma'arij
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The Ascending Stairways
हालाँकि वे उन्हें दिखाए जा रहे होंगे। अपराधी चाहेगा कि काश उस दिन की यातना से बचने के लिए छुड़ौती में दे दे अपने बेटों को।
तथा अपनी पत्नी और अपने भाई को।
तथा अपने परिवार (कुटुंब) को, जो उसे शरण देता था।
और उन सभी लोगों1 को जो धरती में हैं। फिर अपने आपको बचा ले।
कदापि नहीं! निःसंदेह वह (जहन्नम) भड़कने वाली आग है।
जो खाल उधेड़ देने वाली है।
वह उसे पुकारेगी, जिसने पीठ फेरी1 और मुँह मोड़ा।
तथा (धन) एकत्र किया और संभाल कर रखा।
निःसंदेह मनुष्य बहुत अधीर बनाया गया है।
जब उसे कष्ट पहुँचता है, तो बहुत घबरा जाने वाला है।
और जब उसे भलाई मिलती है, तो बहुत रोकने वाला है।
सिवाय नमाज़ियों के।
जो हमेशा अपनी नमाज़ों की पाबंदी करते हैं।
और जिनके धन में एक निश्चित भाग है।
माँगने वाले तथा वंचित1 के लिए।
और जो बदले के दिन को सत्य मानते हैं।
और जो अपने पालनहार की यातना से डरने वाले हैं।
निश्चय उनके पालनहार की यातना ऐसी चीज़ है, जिससे निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता।
और जो अपने गुप्तांगों की रक्षा करते हैं।
सिवाय अपनी पत्नियों से या अपने स्वामित्व में आई दासियों1 से, तो निश्चय वे निंदनीय नहीं हैं।
फिर जो इसके अलावा कुछ और चाहे, तो ऐसे ही लोग सीमा का उल्लंघन करने वाले हैं।
और जो अपनी अमानतों तथा अपनी प्रतिज्ञा का ध्यान रखने वाले हैं।
और जो अपनी गवाहियों पर क़ायम रहने वाले हैं।
तथा जो अपनी नमाज़ की रक्षा करते हैं।
वही लोग जन्नतों में सम्मानित होंगे।
फिर इन काफ़िरों को क्या हुआ है कि वे आपकी ओर दौड़े चले आ रहे है?
दाएँ से और बाएँ से समूह के समूह।1
क्या उनमें से प्रत्येक व्यक्ति यह लालच रखता है कि उसे नेमत वाली जन्नत में दाखिल किया जाएगा?
कदापि नहीं, निश्चय हमने उन्हें उस चीज़1 से पैदा किया है, जिसे वे जानते हैं।
सूरह समाप्त
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بِسْمِ ٱللَّهِ