सूरह 44 देख रहे हैं
सूरह 44 देख रहे हैं
Ad-Dukhan
.44
The Smoke
ह़ा, मीम।
क़सम है स्पष्ट करने वाली पुस्तक की।
निःसंदेह हमने इसे1 एक बरकत वाली रात में उतारा है। निःसंदेह हम डराने वाले थे।
इसी (रात) में प्रत्येक अटल मामले का निर्णय किया जाता है।
हमारी ओर से आदेश के कारण। निःसंदेह हम ही भेजने वाले थे।
आपके पालनहार की दया के कारण। निश्चय वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।
जो आकाशों तथा धरती और उन दोनों के बीच मौजूद सारी चीज़ों का पालनहार है, यदि तुम विश्वास करने वाले हो।
उसके अतिरिक्त कोई सत्य पूज्य नहीं। वही जीवित करता और मारता है। तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पहले बाप-दादाओं का पालनहार है।
बल्कि वे संदेह में पड़े खेल रहे हैं।
तो आप उस दिन की प्रतीक्षा करें, जब आकाश प्रत्यक्ष धुआँ1 लाएगा।
जो लोगों को ढाँप लेगा। यह दुःखदायी यातना है।
ऐ हमारे पालनहार! हमसे यह यातना दूर कर दे। निःसंदेह हम ईमान लाने वाले हैं।
उनके लिए नसीहत कहाँ? हालाँकि, निश्चित रूप से उनके पास स्पष्ट करने वाला रसूल आ चुका।
फिर उन्होंने उससे मुँह फेर लिया और उन्होंने कहा : यह तो सिखाया हुआ है, यह पागल है।
निःसंदेह हम इस यातना को थोड़ी देर के लिए दूर करने वाले हैं। (परंतु) निःसंदेह तुम फिर वही कुछ करने वाले हो।
जिस दिन हम बड़ी पकड़1 पकड़ेंगे, निःसंदेह हम बदला लेने वाले हैं।
तथा निःसंदेह हमने इनसे पूर्व फ़िरऔन की जाति की परीक्षा ली तथा उनके पास एक अति सम्मानित रसूल आया।
यह कि अल्लाह के बंदों को मेरे हवाले कर दो। निश्चय मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
तथा यह कि अल्लाह के मुक़ाबले में सरकशी न करो, निःसंदेह मैं तुम्हारे पास स्पष्ट प्रमाण लाने वाला हूँ।
तथा निःसंदेह मैंने अपने पालनहार तथा तुम्हारे पालनहार की इससे शरण ली है कि तुम मुझपर पथराव कर मेरी जान ले लो।
और अगर तुम मेरी बात नहीं मानते, तो मुझसे दूर रहो।
अंततः उसने अपने पालनहार को पुकारा कि निःसंदेह ये अपराधी लोग हैं।
अतः तुम मेरे बंदों को लेकर रातों-रात चले जाओ। निःसंदेह तुम्हारा पीछा किया जाएगा।
तथा सागर को अपनी दशा पर ठहरा हुआ छोड़ दे। निःसंदेह वे एक ऐसी सेना हैं, जो डुबोए जाने वाले हैं।
वे कितने ही बाग़ और जल स्रोत छोड़ गए।
तथा खेतियाँ और बढ़िया स्थान।
तथा सुख-सामग्री, जिनमें वे आनंद ले रहे थे।
ऐसा ही हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी दूसरे1 लोगों को बना दिया।
फिर न उनपर आकाश और धरती रोए और न वे मोहलत पाने वाले हुए।
तथा निःसंदेह हमने इसराईल की संतान को अपमानकारी यातना से बचा लिया।
फ़िरऔन से। निःसंदेह वह हद से बढ़ने वालों में से एक सरकश व्यक्ति था।
तथा निःसंदेह हमने उन्हें ज्ञान के आधार पर संसार वासियों पर चुन लिया।
तथा हमने उन्हें ऐसी निशानियाँ प्रदान कीं, जिनमें खुली परीछा थी।
निःसंदेह ये1 लोग निश्चय कहते हैं।
कि हमारी इस पहली मृत्यु के सिवा कोई (मृत्यु) नहीं, और न हम कभी दोबारा उठाए जाएँगे।
तो तुम हमारे बाप-दादा को ले आओ, यदि तुम सच्चे हो?
क्या ये लोग बेहतर हैं, अथवा तुब्बा' की जाति1 तथा वे लोग जो उनसे पूर्व थे? हमने उन्हें विनष्ट कर दिया। निःसंदेह वे अपराधी थे।
और हमने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है, खेलते हुए नहीं बनाया है।
हमने उन दोनों को सत्य ही के साथ पैदा किया है, किंतु उनमें से अधिकतर लोग नहीं जानते।
निश्चय फ़ैसले1 का दिन उन सब का नियत समय है।
जिस दिन कोई साथी किसी साथी के कुछ काम न आएगा और न उनकी सहायता की जाएगी।
किंतु जिसपर अल्लाह ने दया की, निःसंदेह वही सबपर प्रभुत्वशाली, अत्यंत दयावान है।
निःसंदेह ज़क़्क़ूम (थूहड़) का वृक्ष।
पापी का भोजन है।
पिघले हुए ताँबे (या तलछट) की तरह, पेटों में खौलता है।
गर्म पानी के खौलने की तरह।
इसे पकड़ो, फिर इसे धधकती आग के बीच तक घसीटकर ले जाओ।
फिर खौलते हुए पानी की कुछ यातना उसके सिर पर उँडेल दो।1
चख, निःसंदेह तू ही वह व्यक्ति है जो बड़ा बलशाली और सम्माननीय है।
निःसंदे यह वही है जिसके बारे में तुम संदेह करते थे।
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