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Al-Hajj
.22
The Pilgrimage
तथा उन्हें पवित्र बात1 का मार्ग दिखा दिया गया और उन्हें प्रशंसित मार्ग2 दिखा दिया गया।
निःसंदेह वे लोग जिन्होंने कुफ़्र किया1 और वे अल्लाह के मार्ग से और उस मस्जिदे-हराम से रोकते हैं, जिसे हमने सब लोगों के लिए इस तरह बनाया है कि उसमें रहने वाले और बाहर से आने वाले बराबर हैं और जो भी उसमें किसी अत्याचार के साथ सत्य से दूरी का इरादा करेगा, हम उसे दुःखदायी यातना चखाएँगे।2
तथा (वह समय याद करो) जब हमने इबराहीम के लिए इस घर का स्थान1 निर्धारित कर दिया (और उसे आदेश दिया) कि किसी को मेरा साझी न बनाना, तथा मेरे घर का तवाफ़ (परिक्रमा) करने वालों, क़ियाम करने वालों तथा रुकू' और सजदा करने वालों के लिए पवित्र रखना।
और लोगों में हज्ज का एलान कर दो। वे तेरे पास पैदल तथा प्रत्येक दुबली-पतली सवारियों पर आएँगे, जो हर दूर-दराज़ मार्ग से आएँगी।
ताकि वे अपने बहुत-से लाभों के लिए उपस्थित हों और कुछ ज्ञात दिनों1 में उन पालतू चौपायों पर अल्लाह का नाम2 लें, जो उसने उन्हें प्रदान किए हैं। फिर उनमें से स्वयं खाओ तथा तंगहाल निर्धन को खिलाओ।
फिर वे अपना मैल-कुचैल दूर करें1 तथा अपनी मन्नतें पूरी करें और इस प्राचीन घर2 का तवाफ़ (परिक्रमा) करें।
ये (हमारे आदेश) हैं। और जो कोई अल्लाह के निषेधों (मर्यादाओं) का सम्मान करे, तो यह उसके लिए, उसके पालनहार के पास बेहतर है। और तुम्हारे लिए चौपाए हलाल (वैध) कर दिए गए हैं, सिवाय उनके जो तुम्हें पढ़कर सुनाए जाते1 हैं। अतः मूर्तियों की गंदगी से बचो तथा झूठी बात से बचो।
सूरह समाप्त
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بِسْمِ ٱللَّهِ