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Al-Haqqah
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The Reality
अतः आज यहाँ उसका कोई मित्र नहीं है।
और न पीप के सिवा कोई भोजन है।
जिसे पापियों के अलावा कोई नहीं खाता।
मैं उन चीज़ों की क़सम खता हूँ, जिन्हें तुम देखते हो।
तथा उनकी जिन्हें तुम नहीं देखते हो।
निःसंदेह यह (क़ुरआन) एक सम्मानित रसूल1 का कथन है।
और यह किसी कवि की वाणी नहीं है। तुम बहुत कम ईमान लाते हो।
और न किसी काहिन की वाणी है, तुम बहुत कम शिक्षा ग्रहण करते हो।
(यह) सर्व संसार के पालनहार की ओर से उतारा हुआ है।
और यदि वह (नबी) हमपर कोई बात बनाकर1 लगाता।
तो निश्चय हम उसे दाएँ हाथ से पकते।
फिर अवश्य हम उसके जीवन की धमनी काट देते।
फिर तुममें से कोई भी हमें उससे रोकने वाला न होता।
निःसंदेह यह (क़ुरआन) डरने वालों के लिए एक उपदेश है।
तथा निःसंदेह हम निश्चित रूप से जानते हैं कि बेशक तुममें से कुछ झुठलाने वाले हैं।
और निःसंदेह वह निश्चित रूप से काफ़िरों1 के लिए पछतावे का कारण है।
और निःसंदेह वह निश्चय विश्वसनीय सत्य है।
अतः आप अपने महान पालनहार के नाम की पवित्रता का वर्णन करें।
एक माँगने वाले1 ने वह यातना माँगी, जो घटित होने वाली है।
काफ़िरों पर। उसे कोई टालने वाला नहीं।
ऊँचाइयों वाले अल्लाह की ओर से।
फ़रिश्ते और रूह1 उसकी ओर चढ़ेंगे, एक ऐसे दिन में जिसकी मात्रा पचास हज़ार वर्ष है।
अतः (ऐ नबी!) आप अच्छे धैर्य से काम लें।
निःसंदेह वे उसे दूर समझ रहे हैं।
और हम उसे निकट देख रहे हैं।
जिस दिन आकाश पिघली हुई धातु के समान हो जाएगा।
और पर्वत धुने हुए ऊन के समान हो जाएँगे।1
और कोई मित्र किसी मित्र को नहीं पूछेगा।
सूरह समाप्त
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पूर्वावलोकन
بِسْمِ ٱللَّهِ