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Al-Ikhlas
.112
The Sincerity
(ऐ रसूल!) आप कह दीजिए : वह अल्लाह एक है।1
अल्लाह बेनियाज़ है।
न उसकी कोई संतान है और न वह किसी की संतान है।
और न कोई उसका समकक्ष है।1
(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं सुबह के पालनहार की शरण लेता हूँ।
उस चीज़ की बुराई से, जो उसने पैदा की।
तथा अंधेरी रात की बुराई से, जब वह छा जाए।1
तथा गाँठों में फूँकने वालियों की बुराई से।
तथा ईर्ष्या करने वाले की बुराई से, जब वह ईर्ष्या करे।1
(ऐ नबी!) कह दीजिए : मैं शरण लेता हूँ लोगों के पालनहार की।
लोगों के बादशाह की।
लोगों के सत्य पूज्य की।1
वसवसा डालने वाले, पीछे हट जाने वाले की बुराई से।
जो लोगों के दिलों में वसवसे डालता है।
जिन्नों और इनसानों में से।1
सूरह समाप्त
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पूर्वावलोकन
بِسْمِ ٱللَّهِ